Dear Aspirants,

जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 556 के तहत 1156 पदों के लिए ली गई परीक्षा में पास 596 अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर भर्ती करने के लिए हिमाचल हाईकोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। यह परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने 23 फरवरी, 2019 को परिणाम घोषित करने से करीब ढाई साल पहले ली थी।


मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार मेरिट के अनुसार इन पदों को अनुबंध आधार पर भरने के लिए स्वतंत्र है।

 खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा जारी मेरिट के आधार पर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के पदों पर भर्ती स्टॉप गैप अरेंजमेंट होगी और यह मामले के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।



हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि सरकार दो सप्ताह के भीतर तीन से पांच सदस्यीय कमेटी बनाए, जो कंप्यूटर शिक्षा में उच्च डिग्रियां व डिप्लोमा धारकों और भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत योग्यता प्राप्त उम्मीदवारों की समानता पर निर्णय ले। खंडपीठ ने अपने आदेशों में यह भी स्पष्ट किया कि समानांतर योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी भर्ती के योग्य माने जाएंगे।
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यह है मामला



परीक्षा पास न करने वाले उम्मीदवारों ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष आवेदन दायर कर आरोप लगाया था कि आयोग ने न्यूनतम योग्यता की आड़ में कंप्यूटर शिक्षा में उच्च डिग्रियां व डिप्लोमा प्राप्त अभ्यर्थियों को बिना कारण अयोग्य घोषित कर दिया।



इसके परिणामस्वरूप लिखित व टाइपिंग परीक्षा में उनसे कम अंक वालों का चयन कर लिया। ट्रिब्यूनल ने याचिका का निपटारा करते आदेश दिए थे कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत ही पद भरे जाएं।

ट्रिब्यूनल के निर्णय को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई। तब हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए ट्रिब्यूनल द्वारा पारित निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी थी।