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केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले मास्टरस्ट्रोक खेला है ! मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि वह सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी ! सोमवार को पीएम मोदी की अध्‍यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई !कैबिनेट ने फैसला लिया है कि यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाएगा ! आरक्षण का लाभ सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में मिलेगा !

आरक्षण मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा से अलग होगा ! अभी देश में कुल 49.5 प्रतिशत आरक्षण है ! अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत , अनुसूचित जातियों को 15 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति को 7.5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है !

सरकार ऐसे देगी सवर्णों को आरक्षण

मोदी सरकार सवर्णों को आरक्षण देने के लिए जल्द ही संविधान में बदलाव करेगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा। दोनों अनुच्छेद में बदलाव कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा। बता दें कि पिछले साल जब सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट में बदलाव करने का आदेश दिया था तब देशभर में दलितों ने काफी प्रदर्शन किया था। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था। ऐसा माना जा रहा था कि मोदी सरकार के इस फैसले से सवर्ण काफी नाराज हो गए, दलितों के बंद के बाद सवर्णों ने भी भारत बंद का आह्वान किया था।

क्‍या कहता है अनुच्छेद 15

संविधान में अनुच्छेद 15 केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान, या इनमें से किसी के ही आधार पर भेदभाव पर रोक लगाता है। अंशतः या पूर्णतः राज्य के कोष से संचालित सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों या सार्वजनिक रिसोर्ट में निशुल्क प्रवेश के संबंध में यह अधिकार राज्य के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी प्रवर्तनीय है। हालांकि, राज्य को महिलाओं और बच्चों या अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति सहित सामाजिक और "शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों" के नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान बनाने से राज्य को रोका नहीं गया है। इस अपवाद का प्रावधान इसलिए किया गया है, क्योंकि इसमें वर्णित वर्गों के लोग वंचित माने जाते हैं और उनको विशेष संरक्षण की आवश्‍यकता है।

अनुच्‍देद 16 में ये हैं प्रावधान

अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार के संबंध में अवसर की समानता की गारंटी देता है और राज्य को किसी के भी खिलाफ केवल धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, वंश, जन्म स्थान या इनमें से किसी एक के आधार पर भेदभाव करने से रोकता है। किसी भी पिछड़े वर्ग के नागरिकों का सार्वजनिक सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनुश्चित करने के लिए उनके लाभार्थ सकारात्मक कार्रवाई के उपायों के कार्यान्वयन हेतु अपवाद बनाए जाते हैं, साथ ही किसी धार्मिक संस्थान के एक पद को उस धर्म का अनुसरण करने वाले व्यक्ति के लिए आरक्षित किया जाता है।

इन सवर्णों को मिलेगा आरक्षण का लाभ

ये होंगे मानक जिनके तहत मोदी सरकार ये आरक्षण की सुविधा दी जाएगी। 

1- सालाना आय 8 लाख से कम हो।

2- 5 एकड़ से कम खेती की जमीन हो।

3-1000 स्‍क्‍वायर फीट से कम का घर हो।

4- निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन।

5- 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो और जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते हो।